उत्तराखंड: मंत्री ने की चीनी मिलों की तैयारियों की समीक्षा

देहरादून, उत्तराखंड: गन्ना विकास मंत्री, सौरभ बहुगुणा ने मंगलवार को सचिवालय में विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की, हिंदुस्तान समाचार की रिपोर्ट।

मंत्री ने चीनी मिलों की आगामी पेराई सत्र की तैयारियों का भी आकलन किया।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री बहुगुणा ने अधिकारियों को चीनी मिलों का आधुनिकीकरण करने, गुणवत्तापूर्ण चीनी और अन्य उत्पादों का उत्पादन सुनिश्चित करने, मिलों में अतिरिक्त कुशल और अनुभवी कर्मियों की भर्ती करने और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान करने का निर्देश दिया।

इसके अतिरिक्त, मंत्री बहुगुणा ने अधिकारियों को चीनी मिलों में कार्यरत कर्मचारियों और मृत कर्मचारियों के आश्रितों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिये। बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सचिव विजय यादव और गन्ना आयुक्त सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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कृषि यंत्र / मशीनरी पर अनुदान हेतु नियम व शर्तें ।
अनुदान केवल उन्हीं यंत्रों पर व निर्धारित मूल्य पर ही लागू होगा, जो भारत सरकार के पोर्टल agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत होंगे व पंजीकृत फर्म से क्रय किया जाएगा। अतः पंजीकरण से पूर्व agrimachinery.nic.in का अवलोकन करें। जो यंत्र, agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत नहीं होंगे उन यंत्रों के पंजीकरण को स्वतः ही रद्द माना जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न अहर्ताएं लागू होंगी-
1-कृषक, समिति का वैधानिक सदस्य/आपूर्तिकर्ता हो तथा कृषक पर समिति का एक वर्ष से अधिक का पुराना बकाया न हो।
2-ऐसे कृषक जो पिछले तीन वर्ष से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं, अनुदान हेतु पात्र होंगे।
3-यंत्रों हेतु कृषकों का चयन, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, कृषि विभाग अनुसार किया जाएगा।
4-केवल विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन द्वारा किए गए पंजीकरण पर ही विचार किया जाएगा।
5-प्राप्त पंजीकरण पर "पहले आओ पहले पाओ" नीति लागू रहेगी।
6-पंजीकरण उपरांत पंजीकरण फार्म के साथ कृषक द्वारा अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक/कैंसिल चेक की स्वः प्रमाणित छायाप्रति व प्रमाणित राजस्व भू- अभिलेख तीन के भीतर संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के कार्यालय में जमा किया जाना आवश्यक होगा।
6-उपरोक्त के अतिरिक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग,उत्तराखंड व उच्च स्तर से जारी नियम व शर्तें लागू रहेगी। अधिक जानकारी हेतु किसी भी कार्यालय दिवस में संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।