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What is 86032 in sugarcane

86032 एक प्रमुख चीनी बगान किस्म है जो विशेष रूप से भारत में उगाई जाती है। यह किस्म उच्च शर्करा सामग्री और बेहतर पैदावार के लिए प्रसिद्ध है। इसे कृषि में बेहतर उत्पादन और

गन्ने की प्रजाति 0238 से कृषकों को हुआ नुक्सान…

गन्ने के कैंसर रेड रॉट बीमारी से सहमे किसानों ने 0238 को बदलने को प्राथमिकता दी है। उत्पादन में झटका लगने पर जिले के किसानों ने करीब 50 प्रतिशत रकबे में 0238 वैरायटी को

उत्तराखंड: मंत्री ने की चीनी मिलों की तैयारियों की समीक्षा…

देहरादून, उत्तराखंड: गन्ना विकास मंत्री, सौरभ बहुगुणा ने मंगलवार को सचिवालय में विभाग के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की, हिंदुस्तान समाचार की रिपोर्ट। मंत्री ने चीनी मिलों की आगामी पेराई सत्र

उत्तराखंड: गन्ना नीति तैयार करने पर जोर दिया गया…

हल्द्वानी, उत्तराखंड: उतराखंड में गन्ना नीति तैयार करने का काम काफी गति से चल रहा है। चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई अहम कदम उठा रही है, जिसमे गन्ना नीति भी

किसानों को गन्ना उत्पादन की नवीनतम तकनीक बताई…

डोईवाला के खैरी गांव स्थित गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र काशीपुर में बुधवार को आयोजित कृषक गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को गन्ने की उत्तम फसल की खेती, सह फसलों की खेती

छोटे गन्ना किसानों को चीनी मिल की पर्ची भी मिलेगी जल्द…

प्रदेश के छोटे गन्ना किसानों को पेराई सत्र के दौरान चीनी मिलाें से पर्ची जल्द मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार सट्टा नीति में बदलाव करेगी। इसके अलावा निजी क्षेत्र की इकबालपुर चीनी मिल को

गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर

देहरादून: देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को वर्तमान पेराई सत्र 2023-.24 के लिए गन्ने की अगेती और सामान्य प्रजाति का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) क्रमशः 375 और 365 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर दिया है।

कृषि यंत्र / मशीनरी पर अनुदान हेतु नियम व शर्तें ।
अनुदान केवल उन्हीं यंत्रों पर व निर्धारित मूल्य पर ही लागू होगा, जो भारत सरकार के पोर्टल agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत होंगे व पंजीकृत फर्म से क्रय किया जाएगा। अतः पंजीकरण से पूर्व agrimachinery.nic.in का अवलोकन करें। जो यंत्र, agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत नहीं होंगे उन यंत्रों के पंजीकरण को स्वतः ही रद्द माना जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न अहर्ताएं लागू होंगी-
1-कृषक, समिति का वैधानिक सदस्य/आपूर्तिकर्ता हो तथा कृषक पर समिति का एक वर्ष से अधिक का पुराना बकाया न हो।
2-ऐसे कृषक जो पिछले तीन वर्ष से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं, अनुदान हेतु पात्र होंगे।
3-यंत्रों हेतु कृषकों का चयन, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, कृषि विभाग अनुसार किया जाएगा।
4-केवल विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन द्वारा किए गए पंजीकरण पर ही विचार किया जाएगा।
5-प्राप्त पंजीकरण पर "पहले आओ पहले पाओ" नीति लागू रहेगी।
6-पंजीकरण उपरांत पंजीकरण फार्म के साथ कृषक द्वारा अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक/कैंसिल चेक की स्वः प्रमाणित छायाप्रति व प्रमाणित राजस्व भू- अभिलेख तीन के भीतर संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के कार्यालय में जमा किया जाना आवश्यक होगा।
6-उपरोक्त के अतिरिक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग,उत्तराखंड व उच्च स्तर से जारी नियम व शर्तें लागू रहेगी। अधिक जानकारी हेतु किसी भी कार्यालय दिवस में संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।