गन्ने की प्रजाति 0238 से कृषकों को हुआ नुक्सान

गन्ने के कैंसर रेड रॉट बीमारी से सहमे किसानों ने 0238 को बदलने को प्राथमिकता दी है। उत्पादन में झटका लगने पर जिले के किसानों ने करीब 50 प्रतिशत रकबे में 0238 वैरायटी को छोड़कर दूसरी वैरायटी जैसे 0118, 13235, 15023, 14201, 5009, 17231 आदि प्रजातियों के गन्ने की बुवाई की है। किसानों की पहली पसंद 0238 गन्ना वैरायटी रही है। यहीं कारण है कि विगत वर्जिषों में  किसानों ने करीब 98 प्रतिशत रकबे में 0238 की बुवाई की थी। विगत वर्षों में इस प्राजाती में रेट रॉट का प्रकोप हुआ। रेड रॉट यानि गन्ने के कैंसर से और अत्यधिक बारिश के चलते जिले में किसानों का गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ, जिस कारण पिछले साल की अपेक्षा किसानों को नुकसान हुआ। गत वर्ष जिले में किसानों ने चीनी मिलों को 129.38 ला० कु० गन्ना सप्लाई किया था लेकिन इस बार किसानों ने 92.46 ला० कु० गन्ना ही सप्लाई किया है। विगत वर्ष  गन्ने में रेड रॉट व अत्यधिक वर्षा के कारण गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ। चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिला और समय से पहले चीनी मिल बंद हो गई। किसानों को 0238 को बदलने के लिए जागरुक किया गया और 0118, 13235, 15023, 14201, आदि गन्ना वैरायटी किसानों को उपलब्ध कराई गई है। अगले दो सालों में 0238 के स्थान पर नवीन गन्ना वैरायटी की बुवाई करा कर गन्ना रकबा बढ़ाया जाएगा।”

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कृषि यंत्र / मशीनरी पर अनुदान हेतु नियम व शर्तें ।
अनुदान केवल उन्हीं यंत्रों पर व निर्धारित मूल्य पर ही लागू होगा, जो भारत सरकार के पोर्टल agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत होंगे व पंजीकृत फर्म से क्रय किया जाएगा। अतः पंजीकरण से पूर्व agrimachinery.nic.in का अवलोकन करें। जो यंत्र, agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत नहीं होंगे उन यंत्रों के पंजीकरण को स्वतः ही रद्द माना जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न अहर्ताएं लागू होंगी-
1-कृषक, समिति का वैधानिक सदस्य/आपूर्तिकर्ता हो तथा कृषक पर समिति का एक वर्ष से अधिक का पुराना बकाया न हो।
2-ऐसे कृषक जो पिछले तीन वर्ष से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं, अनुदान हेतु पात्र होंगे।
3-यंत्रों हेतु कृषकों का चयन, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, कृषि विभाग अनुसार किया जाएगा।
4-केवल विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन द्वारा किए गए पंजीकरण पर ही विचार किया जाएगा।
5-प्राप्त पंजीकरण पर "पहले आओ पहले पाओ" नीति लागू रहेगी।
6-पंजीकरण उपरांत पंजीकरण फार्म के साथ कृषक द्वारा अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक/कैंसिल चेक की स्वः प्रमाणित छायाप्रति व प्रमाणित राजस्व भू- अभिलेख तीन के भीतर संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के कार्यालय में जमा किया जाना आवश्यक होगा।
6-उपरोक्त के अतिरिक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग,उत्तराखंड व उच्च स्तर से जारी नियम व शर्तें लागू रहेगी। अधिक जानकारी हेतु किसी भी कार्यालय दिवस में संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।