छोटे गन्ना किसानों को चीनी मिल की पर्ची भी मिलेगी जल्द

प्रदेश के छोटे गन्ना किसानों को पेराई सत्र के दौरान चीनी मिलाें से पर्ची जल्द मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार सट्टा नीति में बदलाव करेगी। इसके अलावा निजी क्षेत्र की इकबालपुर चीनी मिल को पेराई सत्र 2023-24 का 20.36 करोड़ बकाया राशि भुगतान 15 जुलाई तक करना होगा।

बृहस्पतिवार को सचिवालय में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय और चीनी मिलों के अधिकारी आगामी चार माह में किसानों के साथ संगोष्ठी कर समस्याओं का समाधान करेंगे। कहा, विभाग किसान के पास पहुंचेगा। किसान अपनी समस्याओं को लेकर कार्यालय के चक्कर नहीं लगाएंगे।

निर्देश दिए कि इकबालपुर चीनी मिल को पेराई सत्र 2023-24 के अवशेष 20.36 करोड़ का भुगतान 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके साथ ही पेराई सत्र 2018-19 के अवशेष 106.17 करोड़ बकाया भुगतान करने का प्लान सात दिन शासन को देने के निर्देश दिए। बहुगुणा ने कहा, चीनी मिलों को आगामी पेराई सत्र को 20 नवंबर 2024 से शुरू करना होगा।

सट्टा नीति में जरूरी संशोधन किया जाएगा
30 अक्तूबर तक चीनी मिलों को सभी मरम्मत और ट्रायल के कार्य पूरे करने होंगे, जिससे पेराई सत्र के दौरान शटडाउन न लेना पड़े। मिलों में किसानों के रहने, शौचालय, पेयजल, पंचर बनाने की व्यवस्था करनी होगी। कहा, छोटे गन्ना किसान जिनके पास एक से दो बीघा तक जमीन है। उन किसानों को चीनी मिल आठवें व नौवें पखवाड़े में पर्ची देते हैं, जिससे किसान अगली फसल की उगाने के लिए इंतजार करता है।

कहा, पेराई सत्र शुरू होने के बाद तीसरे से चौथे पखवाड़े तक पर्ची मुहैया कराने के लिए सट्टा नीति में जरूरी संशोधन किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव विजय कुमार यादव समेत विभागीय अधिकारी व चीनी मिलों के प्रबंधक मौजूद थे।

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कृषि यंत्र / मशीनरी पर अनुदान हेतु नियम व शर्तें ।
अनुदान केवल उन्हीं यंत्रों पर व निर्धारित मूल्य पर ही लागू होगा, जो भारत सरकार के पोर्टल agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत होंगे व पंजीकृत फर्म से क्रय किया जाएगा। अतः पंजीकरण से पूर्व agrimachinery.nic.in का अवलोकन करें। जो यंत्र, agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत नहीं होंगे उन यंत्रों के पंजीकरण को स्वतः ही रद्द माना जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न अहर्ताएं लागू होंगी-
1-कृषक, समिति का वैधानिक सदस्य/आपूर्तिकर्ता हो तथा कृषक पर समिति का एक वर्ष से अधिक का पुराना बकाया न हो।
2-ऐसे कृषक जो पिछले तीन वर्ष से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं, अनुदान हेतु पात्र होंगे।
3-यंत्रों हेतु कृषकों का चयन, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, कृषि विभाग अनुसार किया जाएगा।
4-केवल विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन द्वारा किए गए पंजीकरण पर ही विचार किया जाएगा।
5-प्राप्त पंजीकरण पर "पहले आओ पहले पाओ" नीति लागू रहेगी।
6-पंजीकरण उपरांत पंजीकरण फार्म के साथ कृषक द्वारा अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक/कैंसिल चेक की स्वः प्रमाणित छायाप्रति व प्रमाणित राजस्व भू- अभिलेख तीन के भीतर संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के कार्यालय में जमा किया जाना आवश्यक होगा।
6-उपरोक्त के अतिरिक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग,उत्तराखंड व उच्च स्तर से जारी नियम व शर्तें लागू रहेगी। अधिक जानकारी हेतु किसी भी कार्यालय दिवस में संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।