किसानों को गन्ना उत्पादन की नवीनतम तकनीक बताई

डोईवाला के खैरी गांव स्थित गन्ना किसान संस्थान एवं प्रशिक्षण केंद्र काशीपुर में बुधवार को आयोजित कृषक गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को गन्ने की उत्तम फसल की खेती, सह फसलों की खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। गोष्ठी में गन्ना अनुसंधान केंद्र काशीपुर के वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने गन्ने की नवीनतम उन्नतशील प्रजातियां जैसे अगेती प्रजाति को लख 14201, को लख 16202, को 15023, को पीएएनटी 12221, को सा 13235, तथा सामान्य प्रजाति को पीएएनटी 12226, को पीएएनटी 13224 आदि उत्पादन की नवीनतम तकनीक तथा पेड़ी प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। केंद्रीय एकीकृत कीटनाशी प्रबंधन संस्थान की सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. किरण नेगी ने गन्ने की फसल में लगने वाले कीट तथा रोगों के पहचान एवं कीट रोग के निदान के बारे में जानकारी दी। नवनियुक्त गन्ना विकास निरीक्षक कुमारी मधु रावत ने गन्ने के साथ सह फसली खेती करके अधिक अधिक आय अर्जित करने के बारे में बताया। इफको के क्षेत्रीय अधिकारी मनिक तोमर ने इफको के उत्पाद जैसे नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, सागरिका आदि उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डोईवाला गजेंद्र सिंह रावत ने विभाग द्वारा कृषकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। मौके पर कपिल कुमार गुप्ता, गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष ईश्वर चंद्रपाल, गन्ना विकास विभाग के सचिव शीशपाल सिंह, गन्ना पर्वेक्षक सुनील, शेर सिंह, वेदप्रकाश, रामकृष्ण, तरसेम सिंह, गुरचरण सिंह, वेदप्रकाश, दया सिंह, सुरेंद्र सिंह, पूर्ण सिंह, कर्नल सिंह आदि उपस्थित रहे।”

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https://www.livehindustan.com/uttarakhand/rishikesh/story-agricultural-scientists-guide-farmers-at-sugarcane-institute-in-doiwala-on-advanced-cultivation-techniques-and-government-schemes-201724241419285.html

https://sugarcaneusn.com

कृषि यंत्र / मशीनरी पर अनुदान हेतु नियम व शर्तें ।
अनुदान केवल उन्हीं यंत्रों पर व निर्धारित मूल्य पर ही लागू होगा, जो भारत सरकार के पोर्टल agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत होंगे व पंजीकृत फर्म से क्रय किया जाएगा। अतः पंजीकरण से पूर्व agrimachinery.nic.in का अवलोकन करें। जो यंत्र, agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत नहीं होंगे उन यंत्रों के पंजीकरण को स्वतः ही रद्द माना जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न अहर्ताएं लागू होंगी-
1-कृषक, समिति का वैधानिक सदस्य/आपूर्तिकर्ता हो तथा कृषक पर समिति का एक वर्ष से अधिक का पुराना बकाया न हो।
2-ऐसे कृषक जो पिछले तीन वर्ष से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं, अनुदान हेतु पात्र होंगे।
3-यंत्रों हेतु कृषकों का चयन, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, कृषि विभाग अनुसार किया जाएगा।
4-केवल विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन द्वारा किए गए पंजीकरण पर ही विचार किया जाएगा।
5-प्राप्त पंजीकरण पर "पहले आओ पहले पाओ" नीति लागू रहेगी।
6-पंजीकरण उपरांत पंजीकरण फार्म के साथ कृषक द्वारा अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक/कैंसिल चेक की स्वः प्रमाणित छायाप्रति व प्रमाणित राजस्व भू- अभिलेख तीन के भीतर संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के कार्यालय में जमा किया जाना आवश्यक होगा।
6-उपरोक्त के अतिरिक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग,उत्तराखंड व उच्च स्तर से जारी नियम व शर्तें लागू रहेगी। अधिक जानकारी हेतु किसी भी कार्यालय दिवस में संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।