उत्तराखंड: गन्ना नीति तैयार करने पर जोर दिया गया

हल्द्वानी, उत्तराखंड: उतराखंड में गन्ना नीति तैयार करने का काम काफी गति से चल रहा है। चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई अहम कदम उठा रही है, जिसमे गन्ना नीति भी शामिल है। गन्ना शोध संस्थान में हुई बैठक में गन्ना सर्वेक्षण, आपूर्ति, सट्टा नीति निर्धारण और गन्ना मूल्य भुगतान सहित अन्य की समीक्षा के लिए बैठक हुई। गन्ना आयुक्त चंद्र सिंह धर्मसत्तू ने सभी सुझावों को शामिल करके गन्ना नीति तैयार करने पर जोर दिया। गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों में व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश भी दिए गये।

बैठक में पेराई सत्र 2024-25 के लिए गन्ना आपूर्ति एवं सट्टा नीति के निर्माण के संबंध में विचार विमर्श किया गया। वहां अपर गन्ना आयुक्त चंद्र सिंह इमलाल, चीनी मिल बाजपुर के महाप्रबंधक हरबीर सिंह, चीनी मिल किच्छा के ईडी त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, निलेश कुमार आदि थे।

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कृषि यंत्र / मशीनरी पर अनुदान हेतु नियम व शर्तें ।
अनुदान केवल उन्हीं यंत्रों पर व निर्धारित मूल्य पर ही लागू होगा, जो भारत सरकार के पोर्टल agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत होंगे व पंजीकृत फर्म से क्रय किया जाएगा। अतः पंजीकरण से पूर्व agrimachinery.nic.in का अवलोकन करें। जो यंत्र, agrimachinery.nic.in पर पंजीकृत नहीं होंगे उन यंत्रों के पंजीकरण को स्वतः ही रद्द माना जाएगा।
उपरोक्त के अतिरिक्त निम्न अहर्ताएं लागू होंगी-
1-कृषक, समिति का वैधानिक सदस्य/आपूर्तिकर्ता हो तथा कृषक पर समिति का एक वर्ष से अधिक का पुराना बकाया न हो।
2-ऐसे कृषक जो पिछले तीन वर्ष से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं, अनुदान हेतु पात्र होंगे।
3-यंत्रों हेतु कृषकों का चयन, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, कृषि विभाग अनुसार किया जाएगा।
4-केवल विभागीय वेबसाइट पर आनलाइन द्वारा किए गए पंजीकरण पर ही विचार किया जाएगा।
5-प्राप्त पंजीकरण पर "पहले आओ पहले पाओ" नीति लागू रहेगी।
6-पंजीकरण उपरांत पंजीकरण फार्म के साथ कृषक द्वारा अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक/कैंसिल चेक की स्वः प्रमाणित छायाप्रति व प्रमाणित राजस्व भू- अभिलेख तीन के भीतर संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों के कार्यालय में जमा किया जाना आवश्यक होगा।
6-उपरोक्त के अतिरिक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग,उत्तराखंड व उच्च स्तर से जारी नियम व शर्तें लागू रहेगी। अधिक जानकारी हेतु किसी भी कार्यालय दिवस में संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है।